ट्रेन में चुदाई

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वर्जिन हिना की ट्रेन में चुदाई

हेलो दोस्तों! में आज मेरी अपनी कहानी आप सब के साथ शेयर करना चाहती हूँ। कोरोना के वजह से मेरी कॉलेज लाइफ घर पे ही निकल गयी। ना दोस्तों के साथ घूमना, ना जिंदगी में कुछ रोमांच और जी हां ना ही सेक्स लाइफ… मगर ये किस्सा कुछ पुराना है और काफी रोमांचक भी!

मेरा नाम हिना है। ये 2 साल पहले की बात है…तब में 21 साल की थी। तब तक मेरे 3 लड़कों के साथ प्रेम संबंध हो चुके थे। पर उनमें से किसी के भी साथ मेने सेक्स नही किया था। तब एक बार में अपनी सहेली चित्रा की शादी में शामिल होने के लिए उसके घर गई थी। शादी के लिए ट्रैन से जाने का तय हुआ था।

चित्रा का भाई अमित, मुझे मेरा सामान ट्रैन में लेजाने में मदद कर रहा था। तभी उसके चाचा ने उसे आवाज देके बुला लिया। तो अमित ने अपने दोस्त राज को मेरे पास भेज दिया। राज और में पहले एक स्कूल में थे पर ज्यादा पहचान नही थी। राज अपने बालों को सहलाते हुए आया और मुझे देख के मुस्कुराया। में तो उसे देखती ही रह गयी। मुझे वो स्कूल में भी काफी सेक्सी लगता था। उसने मेरे हाथ से मेरी बैग लेते हुए कहा कि “हिना, कहो तो तुम्हारी बैग के साथ तुम्हे भी उठा लूँ।” मेने अपनी दूसरी बैग की ओर इशारा कर दिया तो वो हसने लगा। उसने वो बैग भी उठा ली।

वो मेरे आगे चल रहा था और में अपना घाघरा संभालते हुए पीछे चल रही थी। ट्रैन को निकलने में अभी वक्त था। मेंरा सामन रखवाने के बाद हम एक बर्थ पे बैठ गए। उसे मेरे साथ सेल्फी लेनी थी तो मेरा दुपट्टा उसीने ठीक किया। राज के इस बर्ताव से मुझे कुछ महसूस होने लगा था। मेरी चूत मचलने लगी थी। में शांत ही रही।

लड़किवालों ने बारात के लिए रेलवे के दो डिब्बे बुक किये थे। चित्रा की बर्थ के ऊपर वाली बर्थ मुझे दी गयी थी। मुझे घाघरे की वजह से ऊपर चढ़ने में दिक्कत हो रही थी। तभी अचानक कीसी ने मुझे कमर से पकड़ लिया और ऊपर उठा लिया। में ऊपर वाली बर्थ पर चढ़ गई और तुरंत मुड़ के नीचे देखा। वो राज ही था। मुस्कुराते हुए चला गया। उसकी बर्थ दूसरे डिब्बे में थी शायद।

रात का सफर चालू हो गया। में ब्लैंकेट ओढ़ कर लेट गयी। ट्रैन की बर्थ जैसे हिल रही थी, उसकी वजह से मुझे यूँ महसूस हो रहा था जैसे मेरी चुदाई हो रही हो। आगे पीछे उपर नीचे। मुझे इस बात पर हसी आयी पर इस खयाल ने मुझे हॉर्नी बना दिया था। मे ब्लैंकेट के अंदर अपने आप को सहलाने लगी। मेंने अपनी चोली का एक बटन खोल दिया और मेरी चूची को दबाया। मेरा एक हाथ कब मेरी चूत तक पोहच गया पता ही नही चला। अब मुझे बार बार राज की याद आ रही थी और में तेजी से अपनी उंगली को चूत में डाले जा रही थी। हिलती हुई बर्थ का अलग ही मजा आ रहा था।

रात के 2 बज चुके थे तो शायद सब सो गए थे। तभी मुझे राज का मेसेज आया “सो गई क्या?” और मैने बिना सोचे रिप्लाई कर दिया “नही, तुम्हारे बारे में ही सोच रही थी।” उसके मेसेज ने मुझे और बेचैन कर दिया था। मेरी चूत अब मेरे कंट्रोल में नही थी। क्या आज मेरी वर्जिन चूत को राज के लण्ड का सहारा मिलेगा…

राज का फिर मेसेज आया “तो मेरे पास आओगी ना…में तुम्हे लेने आ रहा हूँ।” उसका मेसेज पढा और मैने अपना घाघरा ठीक कर लिया। लगता है आज मेरी वर्जिनिटी का आखरी दिन है। पलक झपकते ही राज सामने खड़ा था, उसने अपने दोनों हाथ आगे किये और मुझे उठा लिया। कोई देख ना ले इस लिए मेने उसे जल्दी चलने को कहा। हम ट्रैन के दरवाजे में खड़े थे। तभी मेने राज के पेंट की ओर देखा। उसका लंड खड़ा दिख रहा था। मेने उसको चिढ़ाने के लिए नीचे की ओर इशारा किया। तो राज ने कहा “अब हिना बार बार अपनी चोली और दुपट्टा संभालना भूलेगी तो राज बेचारा क्या ही करेगा।” मे अपनी चोली का बटन लगाना भूल गयी थी।

उसने फिर खुद अपना हाथ आगे बढ़ाया। मेरी धड़कने बोहत तेज हो गयी थी। पर इस बार राज ने मेरी चोली ठीक करने के बजाए, चोली का दूसरा बटन भी खोल दिया था। में चौंक गयी और शर्मा के राज के सीने से लग गयी। वो मेरी गर्दन पे चूमने लगा तो मेंने उसे और कस कर पकड़ लिया। मुझे इतना अच्छा पहले कभी नही लगा था। मगर मुझे डर था कि कोई देख ना ले। उसे तब होश ही नही था। पागलों कि तरह बस चूमे जा रहा था। तो मै भी साथ देने लगी। उसने एक हाथ से मेरी चूची को दबाया तो मैने हलके आवाज में चिल्ला दिया। मेरी आवाज बन्द करने के बहाने उसने मेरे मुह में चूमना शुरू किया।

थोड़ी देर बाद उसने ट्रैन के दोनों दरवाजे बंद कर दिए। मुझसे रहा नही जा रहा था तो मे उसे अपनी ओर खींच के चूमने लगी। में नही चाहती थी कि वो रुके पर वो रुक गया। वो मेरी कमर को हाथ लगाके के मेरा घाघरा खोलना चाहता था। तो मैने ही मेरा घाघरा सरकाया और आँख मारी। वो खुश होके मुझे कमर पे चूमने लगा। मेरी मदहोशी बढ़ रही थी। उसने अपनी जीन्स उतारी ओर अपने लण्ड को मेरी पैंटी पे दबाने लगा।

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में अपने आपको रोक नही पायी। मेने उसकी अंडरपेंट नीचे खींच डाली। उसने बोलो “हिना, मुझे तो लगा था कि तुम वर्जिन हो।” तो मैने बोला “हाँ वर्जिन हूँ पर आज के बाद नही!” ये सुनके राज बोहोत जोश में आ गया। उसे तुरंत मेरी पैंटी उतार दी। वो नीचे बैठ के मेरी चूत को चाटने लगा। फिर उसने मेरी चोली का एक एक बटन चुम कर खोला। मेने चोली के नीचे ब्रा पहनी थी। उससे ब्रा के हुक खुल नही रहे थे तो उसने ब्रा नीचे की ओर करके कमर पे सरका दी। वो मेरी एक चूची को दबाता और दूसरी को चूमता। मुझे बोहत अच्छा लग रहा था पर में चाहती थी को मेरी चूत को मजा दे। मेने उसके लण्ड को हाथ में ले लिया और मेरी चूत से रगड़ना शुरू किया। राज भी समझ गया।

उसने मेरा घाघरा नीचे बिछाया और मुझे बैठने को बोला। में बैठ गयी। वो अपने हाथ से मेरी चूत को सहला रहा था। उसने अपनी एक उंगली अंदर डालनी चाही तभी अचानक किसी के आने की आवाज आई। वो राज का दोस्त समीर था। उसका चेहरा हमें इस हालत में देख के लाल हो गया था। मुझे भी बोहोत शर्म आ रही थी। राज ने उसे तुरंत जाने को कहा। वो वही खड़ा रहा। तो राज उठने लगा। तभी समीर हस्ते हस्ते भाग गया। और जाते जाते राज को आँख मार के गया। तब जाके मेरी जान में जान आयी।

राज मेरे पास आया और उसने मुझे गाल पर प्यार से चुम लिया। हम फिरसे एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। चूमते चूमते राज ने अपनी एक उंगली धीरे धीरे मेरी चूत पे घुमानी शुरू की।में फिर मचलने लगी। में दोनों टांगे फैलाके बैठ गयी। वो अब अपनी एक उंगली अंदर डाल चुका था। फिर उसने अपनी दूसरी उंगली डाली। मुझे अब थोड़ा दर्द हो रहा था। राज मेरे बालों से हाथ घुमा रहा था। वो अब तेजी से अपनी उँगलियाँ अंदर बाहर कर रहा था। मेरा दर्द अब कम हो चुका था और मुझे मजा आने लगा था।

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मेंरी मुह से आह की आवाजें आने लगी थी जो सिर्फ राज को सुनाई दे रही थी। में धीमे आवाज में बोल रही थी

आहहहहहहहहहहहहहहहहह…..

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. और जोर से राज।

आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह… तेज तेज।… उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई…..

मेरी चुत को इतना मजा पहली बार आया है राज…

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह …..

मेरी चूत में गिलावा बढ़ गया था। राज ने उसका लण्ड मेरे हाथ मे दिया। और मेरे कान में बोला “कैसा लगा तुम्हे तुम्हारा खिलौना…खेलोगी नही इससे?” और मुस्कुराया। उसका लण्ड बड़ा था। मेने उसके लण्ड के सिर पर हल्का सा चूमा। और एक दम से मुँह में ले लिया। राज ने अपनी आँखें बंद की और उसकी सिसकियाँ निकलने लगी। वो मेरी बालों में हाथ डाल कर बेठा रहा। मेने उसके लण्ड को हाथ से सहलाया।

उसने फिर वो किया जिसका में बेसब्री से इंतजार कर रही थी। मेरी चुत में अपना लण्ड डाल दिया। मुझे बोहत मजा आया और मेरे मुह से जोर की आहहह.. निकली। में ये भूल ही गेई थी कि उस समय ट्रैन में थे और पकड़े जा सकते थे।

राज ने अपने हाथ से मेरा मुह दबा दिया और अपना लण्ड अंदर बाहर करता रहा। मगर उसके हाथ के नीचे मेरी आवाज निकलती रही…

आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. और जोर से राज। आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह… तेज तेज।… उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई…..

मेरी आवाज से राज का जोश बढ़ रहा था। अंदर बाहर अंदर बाहर तेजी से…। कुछ देर बाद हम दोनों रुक गए। हम दोनों थोड़ी देर के लिए एक दूसरे को गले लगा कर बैठ गए। ट्रैन अब एक स्टेशन से थोड़ी दूर रुक गई। दरवाजे की ओर फिर कोई आ जाये उससे पहले हमने हमारे कपड़े पहन लिए थे।

ट्रैन अब जल्द ही स्टेशन पर रुकने वाली थी। तो राज मुझे फिर मेरी बर्थ पर बिठा के चला गया। हम दोनो ही बहुत खुश थे। मेने अपना मोबाइल ऑन किया और राज को मैसेज करने का सोचा…पर समझ नही आ रहा था क्या कहूँ, तो मैने बस एक हार्ट का इमोजी डाल दिया। उसने कुछ देर में रिप्लाई किया। उसने पिछले दिन खिंची हुई हमारी सेल्फ़ी शेयर की थी और नीचे लिखा था “सी यु सून स्वीटहार्ट 💋…”

सवेरा होने को आया था और अब लोग जगने लगे थे। अगले घंटे में ही हमारा स्टेशन आ गया और सारे बाराती उतर गए। पिछले कुछ घंटों में मैने अपनी वर्जिनिटी गवाई थी और वो भी एक पब्लिक रेलवे मे। मेने कभी नही सोचा था कि मेरी पहली चुदाई इतनी मजेदार और अडवेंचरस होगी।

अगले एक हफ्ते तक चित्रा की शादी के कार्यक्रम चलते रहे। मेने और राज ने एक दूसरे के करीब आने का एक भी मौका हाथ से जाने नही दिया। चित्रा की शादी, मेरे लिए और मेरी चूत के लिए हमेशा यादगार रहेगी!!

उम्मीद है मेरा एक्सपीरियंस आप सबको एक्ससिटिंग लगा हो…

ऐसी कयामत भरी चुदास कहानी पढ़ने के लिए https://nightqueenstories.com पर बने रहना। हम आपको पूरा यकीन दिलाते हैं आपकी पसंद की हर कहानियां लेकर आएंगे। और चुत औऱ लन्ड की गर्मी शांत करते रहेंगे

मेरी अगली कहानी का शीर्षक है स्पाई एजेंट चार्ली का खतरनाक सफर

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तो आप सब अपना ख्याल रखिएगा। कोविड का सिचुएशन है तो अपना विशेष ख्याल रखिएगा। नमस्कार।

 

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